Tuesday, 2 July 2013

मञ्जूषा जी बता ही देतीं कि वोह क्या है जिसे आपत्तिजनक माना जाये



मंजूषा पण्डे  को क्या आपत्तिजनक  लगा  मेरे ब्लॉग में, 

ये तो मैं नहीं जानती लेकिन इतना ज़रूर जान गयी हूँ  यहाँ आकर कि  

महिलाओं  को महिलाओं से ही तकलीफ़ है . पुरूष तो बेचारे जान छिड़कते 

हैं हम पर .  अच्छा होता यदि मञ्जूषा जी बता ही देतीं कि  वोह क्या है 

जिसे आपत्तिजनक माना  जाये

रोज़ी

4 comments:

  1. ओह...

    शुभकामनायें आपको भी !

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  2. you have posted this post just like very popular blogger dr.anwar jamal ji .he always challenges his rivals in this way .well you must read your previous post [वोह लौंडा पीछे पीछे तो आएगा ] then you can realize that what is wrong with your blog .

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    1. शिखा जी, एक तो आप किसी भी तीसरे से मेरी तुलना मत कीजिये, मैं किसी की तरह नहीं हूँ . ये अनवर जमाल क्या बेचते हैं मुझे नहीं मालूम ..........मुझे अगर बता सकें तो ये बताइए कि इस रचना में गन्दा क्या है

      लौंडा गन्दा है ?
      पीछे गन्दा है ?
      आएगा गन्दा है ?
      ________आखिर क्या गन्दा है जिसे साफ़ करना चाहिए ..........

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rosy welcomes you